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Friday, 14 November 2025

Bihar Assembly Elections 2025: बिहार का टाइगर कौन? नीतीश-मोदी की प्रचंड जीत और विपक्ष का 'अलविदा'| Who is the Tiger of Bihar? Nitish-Modi's landslide victory and the opposition's 'goodbye'

 


💥Tarun Kumar Kanchan

The counting of votes for the Bihar Assembly Elections 2025 has made it clear: Nitish Kumar has once again emerged as the 'Tiger' in Bihar politics.

बिहार में फिर नीतीश का 'राज', मोदी-नीतीश की डबल इंजन ने किया कमाल! ​बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना अब अपने अंतिम चरण में है, और परिणाम पूरी तरह से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में दिख रहे हैं। रुझानों के अनुसार, एनडीए स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहा है, और यह जीत नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन की 'डबल इंजन' की सफलता को दर्शाती है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना ने यह स्पष्ट कर दिया है: बिहार की राजनीति में 'नीतीश कुमार' एक बार फिर 'टाइगर' बनकर उभरे हैं।

सुबह से चल रही मतगणना अब अपने अवसान की ओर है, और रुझानों के मुताबिक, एनडीए (NDA) 200 के करीब सीटों पर बढ़त बनाकर एक प्रचंड और निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहा है। यह परिणाम न केवल एक बड़ी राजनीतिक सफलता है, बल्कि यह भी स्थापित करता है कि बिहार मतलब नीतीश कुमार।

🟢 'डबल इंजन' ने किया कमाल: विकास की गंगा और केंद्र का सहयोग

एनडीए की इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय सीधे तौर पर नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी को जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुनावी सभाओं में बार-बार 'डबल इंजन' की चर्चा की थी, और परिणामों ने दिखाया कि जनता ने इस पर भरोसा किया है।

प्रमुख रुझान:

 * बीजेपी (90) और जेडीयू (80+): दोनों घटक दलों ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया है, जो गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है।

 * लोजपा (रामविलास): चिराग पासवान की पार्टी ने 29 में से 20 सीटों पर बढ़त बनाकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।

 * छोटे सहयोगी: जीतनराम मांझी की 'हम' और उपेंद्र कुशवाहा के 'आरएलएम' को भी 4-4 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है।

एनडीए नेताओं का कहना है कि यह जीत नीतीश कुमार के बेदाग चरित्र और केंद्र सरकार के सहयोग से सरपट दौड़ती विकास की राजनीति की जीत है।

🔴 विपक्ष परास्त: तेजस्वी को 'अलविदा' और आरजेडी में बिखराव

जहां एक ओर एनडीए खेमे में जश्न का माहौल है, वहीं विपक्ष पूरी तरह से परास्त दिख रहा है। सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के बावजूद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को इंडी गठबंधन में मात्र 27 सीटें मिल रही हैं, जबकि कांग्रेस 5 सीटों पर सिमट गई है।

सबसे चौंकाने वाला और निराशाजनक प्रदर्शन खुद तेजस्वी प्रसाद यादव का रहा।

तेजस्वी: राघोपुर में पीछे, तेज प्रताप की बगावत

 * जनता ने तेजस्वी प्रसाद यादव को 'अलविदा' कह दिया है।

 * वह अपने ही गढ़ राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सतीश कुमार से 1273 वोटों से पीछे चल रहे हैं।

 * लालू प्रसाद के दूसरे पुत्र तेज प्रताप यादव भी महुआ में कुछ खास नहीं कर पाए और चौथे स्थान पर खिसक गए।

पार्टी के अंदर तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच की आंतरिक कलह ('घर फूटे, गवार लूटे') ने भी विपक्ष की संभावनाओं को गहरी चोट पहुंचाई, क्योंकि दोनों ने एक-दूसरे के उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार किया था।

नोट: हालांकि, इस निराशाजनक प्रदर्शन के बीच वाम दलों (लेफ्ट) ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर बढ़त हासिल की है।

🔑 जीत के कारण: विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा

एनडीए की यह प्रचंड जीत केवल चुनावी प्रबंधन की नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों की सफलता है।

जनता की राय:

 * विकास की राजनीति: आम जनता का मानना है कि बिहार सरकार ने केंद्र के समर्थन से विकास की राजनीति की, इसलिए उन्होंने एनडीए को वोट दिया।

 * महिला वोट बैंक:

   * महिलाओं ने खुलकर एनडीए का समर्थन किया, जिसका कारण खाते में ₹10,000 की राशि देना और आगे ₹2 लाख देने का वादा था।

   * युवा लड़कियों के लिए सरकारी नौकरी में 35% आरक्षण ने एक बड़ा गेम चेंजर का काम किया।

 * बुजुर्गों का भरोसा: बुजुर्ग परमेश्वर महतों जैसे मतदाताओं का कहना है कि वृद्धा पेंशन और फ्री अनाज जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से उनकी जिंदगी संवरी है।

📢 जेडीयू का पलटवार, विपक्ष का धांधली का आरोप

परिणामों के बीच, जेडीयू ने सोशल मीडिया पर विपक्ष को करारा जवाब दिया है। जेडीयू ने अपने X पोस्ट में लिखा: "आज बिहार में विकास की जीत हो रही है और विपक्ष की 'बकवास' हार रही है।"

हालांकि, परास्त विपक्ष इस हार को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। विरोधी नेताओं ने चुनाव आयोग पर एकतरफा कार्रवाई करने और भारी धांधली का आरोप लगाया है। खासकर, चुनाव के दौरान महिलाओं के खाते में ₹10,000 देने को 'वोट के लिए रिश्वत' बताया गया, जिस पर चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं।

निष्कर्ष:

बिहार की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है। यह जीत सुशासन, विकास और मजबूत सामाजिक नीतियों के गठबंधन की जीत है। एक बार फिर, नीतीश कुमार बिहार के सिंहासन पर मजबूती से वापसी कर रहे हैं, जबकि विपक्ष को आत्म-मंथन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

बड़ी खबर - मोकामा से जेल से अनंत सिंह विजयी।

चलते-चलते- एनडीए -204 में आगे

          भाजपा 92, जदयू -82, लोजपा -20, हम-5 और रालोमो-4

          इंडी गठबंधन मात्र 33 सीटों पर आगे।

          राजद- 27, कांग्रेस-05, वामदल-3, वीआईपी-00

       अन्य -07

​#BiharMeansNitishKumar #BiharVerdict #NitishKumar #NDAWins

​#BiharElection #ElectionResults #NitishReturns #India

- तरुण कुमार कंचन

        


Thursday, 6 November 2025

Bihar Assembly Elections 2025: : तस्वीरों के साथ देखें प्रथम चरण के मतदान के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल की रपट | First Phase Voting – Watch the exciting report with pictures

  

तारापुर में मध्य विद्यालय माधोडीह, गनैली के मतदान केंद्र संख्या 155 में वोटर आई कार्ड दिखाते हुए लाइन  में लगे मतदाता।

Voting for a total of 121 assembly seats in the first phase of Bihar Assembly Elections 2025 began in a peaceful and enthusiastic atmosphere.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी विशेष रूप से उत्साहजनक रही। कई जिलों में मतदान को लेकर भारी जोश देखने को मिला।

🌟 मतदाताओं का जोश और उत्साह

 

मुजफ्फरपुर में पारू विधानसभा क्षेत्र के 

पोखरैरा का विभिन्न मतदान केंद्र


* लंबी कतारें: सीवान, छपरा (सारण), लखीसराय (माहीसोना बूथ), सहरसा, मुंगेर (धरहरा), और दरभंगा (गौड़ाबौराम) सहित कई जिलों में सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं।

 * महिलाओं की भागीदारी: मुजफ्फरपुर हो या पटना, बक्सर हो या दरभंगा, छपरा (सारण) और गोपालगंज हो या मुंगेर सभी जगह महिलाओं में मतदान के प्मेंरति काफी उत्साह देखा गया।  कई जगह मतदान केंद्र पर महिलाओं में खास उत्साह दिखा। उनकी कतारें पुरुषों के मुकाबले अधिक लंबी थीं।

जमालपुर में 104 वर्षीय बजरंगी सिंह और उनकी
 
95 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी।


 * बुजुर्गों की मिसाल: मुंगेर के जमालपुर विधानसभा क्षेत्र में 1 अग्रहण पंचायत की बूथ संख्या 321 पर 04 वर्षीय बजरंगी सिंह और उनकी 95 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी ने मतदान कर लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी की मिसाल पेश की। धरहरा में भी बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

 * शांतिपूर्ण मतदान: प्रशासनिक व्यवस्था के कारण अधिकांश जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है।


⚙️ तकनीकी व्यवधान और प्रशासनिक कार्रवाई

मतदान की शुरुआत में कुछ स्थानों पर ईवीएम (EVM) में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना मिली, जिस पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।

 * मुजफ्फरपुर: जिला निर्वाचन प्राधिकारी के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ, लेकिन कुढ़नी, पारु एवं साहेबगंज में 18 स्थानों पर ईवीएम रिप्लेसमेंट करनी पड़ी।

 * मुंगेर: सुबह 7 बजे तीन स्थानों (बूथ संख्या 198, 172 और 282) पर बीवी पैट और वॉलेट यूनिट खराबी के कारण तुरंत बदले गए।

 * वैशाली: भगवानपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय रहसा पश्चिमी में बूथ नंबर 335 पर मशीन खराब होने के कारण 8:30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हुआ, जिससे लोगों ने हंगामा भी किया।

इन शिकायतों पर नियंत्रण कक्षों से डीएम और एसपी लगातार निगरानी कर रहे हैं और सेक्टर मजिस्ट्रेटों द्वारा तुरंत मशीनों को बदला गया।

   मुजफ्फरपुर में बूथ नंबर 161 एवं 162 पर पसरा सन्नाटा। यहाँ वोट का बहिष्कार किया गया।

📊 प्रारंभिक मतदान प्रतिशत (सुबह 11.00 बजे तक)

प्रारंभिक घंटों में कई क्षेत्रों में अच्छा मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में 11 बजे तक 29.56 फीसदी मतदान हो गया जबकि दरभंगा में 26.07 प्रतिशत और मधेपुरा में 28.46 प्रतिशत तक मतदान हुआ। शुरुआत की स्थिति इस प्रकार है।

 * सर्वाधिक: गोपालगंज के हथुआ (संख्या 104) में 16 प्रतिशत से अधिक का मतदान हुआ।

 * सबसे कम: सुबह नौ बजे तक मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र में शुरुआती 2 घंटे में 11.89% के साथ सबसे कम मतदान हुआ। पूरे जिले में 14.41 प्रतिशत मतदान की सूचना है।

 * सीवान में 2908 मतदान केंद्रों पर 24 लाख 47 हजार 147 मतदाता वोट डाल रहे हैं, जिसमें 27 मॉडल मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

पढ़ें रुझान

फोटो और वीडियो देखें

🗣️ प्रमुख हस्तियों के बयान और घटनाएँ

पावर स्टार पवन

* भोजपुर के बड़हरा विधानसभा क्षेत्र में भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह अपने गांव जोकहरी में वोट डाला

 * केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (भाजपा): लखीसराय के बड़हिया में मतदान के बाद उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर महागठबंधन को घेरा और उन पर "जंगलराज" वापस लाने का आरोप लगाया।

 * विजय कुमार सिन्हा (भाजपा प्रत्याशी, लखीसराय): उन्होंने मतदान को लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान के सम्मान का पर्व बताया और बिहारियों को कलंकित करने वालों को जवाब देने का आह्वान किया।

* बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने जगदीशपुर विधानसभा के बूथ नंबर 304 पर मतदान किया

 * पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा (भाजपा प्रत्याशी, बक्सर सदर): उन्होंने भी मतदान के बाद स्याही का निशान दिखाया।

* दरभंगा सदर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 186, प्राथमिक विद्यालय बंगलागढ़ फकीराना में दरभंगा से भाजपा प्रत्याशी संजय सरावगी ने मतदान किया।

 * पोस्टल बैलेट की शिकायत: मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित बूथ संख्या 284 पर एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उनका वोट सरकारी कर्मचारी न होने के बावजूद पोस्टल बैलेट से पहले ही डाल दिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और सभी मतदान केंद्रों पर वेब कास्टिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि मतदान सुचारू रूप से चलता रहे।

- तरुण कुमार कंचन

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Wednesday, 29 October 2025

Bihar Election 2025 : बिहार का तेजस्वी प्रण पर भाजपा का विज्ञापन वार | BJP's advertisement war on Bihar's Tejashwi's pledge


 

The BJP has launched an advertising attack on Tejashwi's pledge to form Bihar. Releasing the India Mahagathbandhan (INDIA Alliance) manifesto, Tejashwi said, "We will not only build a government, we will build a new Bihar. We don't make broken promises; we will fulfill what we have promised."

बिहार का तेजस्वी प्रण (Bihar ka Tejaswi Pran) पर भाजपा ने विज्ञापन वार किया है ।तेजस्वी ने इंडिया महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा- हम सरकार ही नहीं, नया बिहार बनाएंगे। हम टूटे-फूटे वादे नहीं करते, जो कहा है उसे पूरा करेंगे। कल यानी मंगलवार को इंडिया गठबंधन की ओर से घोषणा पत्र जारी किया गया। इस घोषणा पत्र को अक्षरशः लागू किया जाए, तो वास्तव में रामराज आ जाएगा। महागठबंधन के इन लोक लुभावने वादों से पूरा एनडीए खेमा  ही बिल- बिला गया है।

तेजस्वी ने दिखाया अच्छे दिनों के मानचित्र

इंडिया महागठबंधन का घोषणापत्र जारी करते
राजद नेता तेजस्वी यादव, माले के दीपंकर

इंडिया गठबंधन की ओर से राजद के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने इंडिया महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी कर ऐसी सुविधा बिहार के आवाम को देने की घोषणा की कि एक बार लगने लगा अब बिहारवासियों के अच्छे दिन आ रहे हैं ।  घोषणा पत्र में कहां गया कि हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देंगे। एक दिसंबर से महिलाओं को हर महीने ढाई हजार रुपए मिलेंगे। मालूम हो कि सरकार बनने के एक पखवाड़े में ही इतना बड़ा फैसला लेने की घोषणा की है, जो आधी आबादी है। इस वोट बैंक पर अब तक नीतीश कुमार का राज है।

सबके हाथ में अशर्फी की आस

 इंडिया महागठबंधन की ओर से  घोषणाओं का ऐसा पिटारा खुला कि सब के हाथ में अशर्फी आने की उम्मीद बढ़ गई है। संविदाकर्मी और जीविका समन्वयक खुशी से झूम उठे। संविदाकर्मी और जीविका समन्वयक को स्थाई करने का वादा किया। इसके साथ हर परिवार को 200 यूनिट तक मुक्त बिजली की सुविधा देने की बात कही। ऐसा लग रहा है कि हर घर चमचमा उठा है। अभी चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले ही नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने बिहार के हर परिवार को 125 यूनिट बिजली फ्री में दे दी है। इसी को तेजस्वी यादव 200 यूनिट करने की बात कही।

बिहार में बहार के सपने

अभी चुनाव की जो घोषणा हुई उससे ऐसा लग रहा है कि वास्तव में  बिहार में बहार आने वाली है।  इसके सपने नीतीश कुमार ने दिखाए थे। अब नीतीश कुमार घूम घूम कर बहार का नजारा दिखा रहे है। मुख्यमंत्री नीतीश अपने किए हुए कार्यों का पिटारा लोगों को दिखा रहे हैं और बिहार की जनता को सावधान कर  रहे हैं कि इंडिया गठबंधन के भ्रामक घोषणाओं से सतर्क रहें । इस दौरान आगे काम करने के की सूची भी अपने भाषण में लोगों को थमा रहे हैं । उनकी मुख्य घोषणा है, अगले 5 साल में बिहार में एक करोड़ नौकरी - रोजगार देंगे। वह यह बात करना भूल नहीं रहे हैं कि पिछले 5 साल में 10 लाख युवाओं को नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है।

2005 से पहले कुछ हुआ था जी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
हर संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता को 2005 से पहले के बिहार की याद दिलाना नहीं भूलते हैं । वह कहते हैं, 1990 से 2005 के बीच बिहार में कुछ हुआ था जी। अशिक्षा और पलायन हमारी नीति बन गई थी। बिहार में जंगलराज था। उसके बाद कोर्ट में चल रहे जॉब के बदले जमीन का मामला भी उठते रहते हैं । नीतीश कुमार ने तेजस्वी के घोषणा पत्र के बाद कहा कि उनके माता-पिता 15 वर्षों तक बिहार में राज किया था । तब क्या हुआ था? हमेशा प्रश्न के लहजे में बात करते हैं और सवाल उठाते हैं । या यह कहें कि लालू- राबड़ी राज के काल को याद करा कर बिहार की जनता को डरा कर अपने पक्ष में मतदान करने की मांग कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार के युवाओं को दूसरे राज्यों में ही रोजगार ढूंढना पड़ता था।  उन्हें बिहार के नाम पर अपमान झेलना पड़ता था। नौकरियों के लिए वैकेंसी ना के बराबर निकलती थी।  कुछ पदों पर बहाली निकलते भी थे तो सत्ता के संरक्षण में नौकरी का सौदा होता था। इसके बाद फिर जनता से करते हैं, क्या जी आज ऐसा होता है क्या?

व्यक्तिगत टारगेट पर तेजस्वी

इसी तरह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इंडिया महागठबंधन के घोषणा पत्र पर वार किया । उन्होंने तेजस्वी को सपने बेचने की कोशिश करने की बात कही। उन्होंने कहा बिहार के लोग जंगलराज के नायक को नहीं भूले हैं। उनसे बिहार की जनता को सावधान रहना है । इसी तरह केंद्रीय मंत्री लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में जंगलराज को लौटने नहीं देंगे । यह बात उन्होंने बख्तियारपुर में पार्टी के उम्मीदवार अरुण कुमार के प्रचार काफिले पर हमले के संदर्भ में कही थी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ-साथ महागठबंधन पर निशाना साधते हैं। उन्होंने कहा, संभावित हार को देखते हुए तेजस्वी यादव घबराहट में हैं।

 तेजस्वी से उम्मीद

इंडिया महागठबंधन के समर्थकों का कहना है कि हम तेजस्वी के उपमुख्यमंत्री काल को देख रहे हैं । उन्होंने 17 महीने में रोजगार देने के लिए जितने कदम उठाए थे, वह हमें सुंदर भविष्य की ओर ले जाने के लिए काफी है। आज बुधवार सुबह की बात है। एमआईटी ग्राउंड में कुछ लोग टहल रहे थे और इंडिया महागठबंधन के घोषणा पत्र की चर्चा कर रहे थे। उनकी चर्चाओं में जो मुख्य मुद्दा थे, उस पर हम थोड़ी बात कर लेते हैं।  वे कह रहे थे कि सरकारी कर्मचारी,  बुजुर्ग के अलावा सोशल इंजीनियरिंग पर भी घोषणा पत्र में  फोकस किया गया है। सबसे बड़ी बात यह रही की इंडिया महागठबंधन की घोषणा पत्र में मूल रूप से बिहारी को आर्थिक रूप से मजबूत करने की बात कही गई है। इसमें उन्होंने सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन देने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन ₹1500 करने के साथ हर साल उसमें ₹200 की वृद्धि करने का भी वादा किया गया है। राज्य में विधि व्यवस्था ठीक हो इसके लिए एसपी और थानेदार का कार्यकाल भी तय करने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने सबसे बड़ा गेम वक्फ बोर्ड संशोधन कानून को लेकर खेला है। उन्होंने कहा वक्फ संशोधन विधेयक पर रोक लगाई जाएगी। इसका मुस्लिम कम्युनिटी से सीधे ताल्लुक है। खासकर मुसलमान की भावना को जोड़ने के लिए इस बात को उद्धृत किया गया है । तेजस्वी ने कहा कि मजदूर श्रमिकों की गणना होगी और प्रवासी श्रमिकों के लिए सरकार में एक समर्पित विभाग होगा । इसी तरह पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना करने और पूर्व सदस्यों को पेंशन की सुविधा देने का वादा किया।

निचले तबकों की आर्थिक तरक्की

बिहार में निचले तबकों में रहने वाले नाई, कुम्हार,  बढ़ाई, लोहार,  मोची और  माली को 5 साल के लिए 5 लाख रुपए देने की बात कही।  दिव्यांगों के लिए भी विकास कार्यक्रम को लागू करने का ऐलान किया। भूमिहीनों को ग्रामीण क्षेत्र में पांच और शहरी इलाके में तीन डिसमिल जमीन देने का भी वादा किया।

एनडीए ने लिया विज्ञापन का सहारा

निश्चित रूप से इंडिया गठबंधन  का घोषणा पत्र बिहार में रामराज लागू होने जैसी स्थिति पैदा करने वाले घोषणाओं को देखकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए ) में घबराहट पड़ा हो गई और आनन फानन में विज्ञापन से पलटवार किया है। उसने अपने विज्ञापन में अखबारों की सुर्खियों को कोलाज के रूप में प्रस्तुत किया है। उनमें कुछ कांग्रेस शासित राज्यों की सुर्खियां हां तो कुछ बिहार की पुरानी सुर्खियां।

हिमाचल और कर्नाटक की बात को रखा है, जिसमें कांग्रेस के वादे और कार्य की एक झलक दिखती है। हिमाचल में हजारों कर्मचारियों को सुक्खू सरकार ने दिया झटका , 10 से 20 K तक कम हो सकता है वेतन। उसी जगह दूसरी बात भी कही गई है कि हिमाचल में वेतन और पेंशन पर भी संकट आ गया है । कर्नाटक पर विज्ञापन में कहा गया है कि कर्नाटक सरकार ने चुनाव में किए थे 59 वादे 1 साल में केवल दो पूरे कर पाए ।

बिहार की सुर्खियों की झलक

एनडीए के इस विज्ञापन में बिहार में जंगल राज को दर्शाया गया है। उनमें जहानाबाद में उग्रवादियों ने 100 लोगों को भून डाला। बिहार में अब तक का सबसे बड़ा नरसंहार 75 की हत्या । सिवान में एक ही परिवार के 12 लोगों को गोलियों से भूना । बारा गांव में 37 लोगों की सामूहिक हत्या।  हिंसा- लूट और बम के धमाकों के बीच चौथे चरण का पंचायत चुनाव संपन्न। समस्तीपुर में तीन व्यापारियों समेत चार का अपहरण,  पैसा दो डॉक्टरी की डिग्री लो। इस तरह बिहार के अपराधी के इतिहास और भ्रष्टाचार के हाल को बयान करते हुए दिखाया गया है । विज्ञापन में कोर्ट की टिप्पणी को भी रखा गया है जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था बिहार जंगलराज से भी बदतर। राज्य में 14 साल से प्राथमिक शिक्षा ध्वस्त।  सबसे बड़ी दिलचस्प बात यह है कि इस विज्ञापन कोलाज में गौतम - शिल्पी हत्याकांड का जिक्र नहीं है,  जो एक माह पहले तक जोर - शोर से उठाया जा रहा था। जब से जनसुराज का सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस मामले में भाजपा नेता और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम घसीटा है, तब से  एनडीए नेताओं के मुंह ताले लग गए हैं।

चाचा - भतीजा के बीच तलवारबाजी

दोनों खेमों के कर्ताधर्ता अपने तीर - तलवार लेकर मैदान में रंग जमा रहे हैं। चाचा - भतीजा का तमाशा जारी है। मदारी की  डुगडुगी बज रही है।  बिहार की पब्लिक न्यारी है। सबको बरोबर मौका दे रही है। सबको सुन रही है, पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।  अब देखना है वार पलटवार में कौन जनता को अपने पक्ष में कर पाता है। इतना तो सच है कि इंडिया महागठबंधन को लालू-राबड़ी काल के कारनामे परेशान कर रहा है और सशंकित हैं, वहीं एनडीए को बिहार का तेजस्वी प्रण परेशानी में डाल रखा है।

धन्यवाद।

तरुण कुमार कंचन

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