google.com, pub-9395330529861986, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Kanchanwani कंचनवाणी: first phase voting

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Thursday, 6 November 2025

Bihar Assembly Elections 2025: : तस्वीरों के साथ देखें प्रथम चरण के मतदान के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल की रपट | First Phase Voting – Watch the exciting report with pictures

  

तारापुर में मध्य विद्यालय माधोडीह, गनैली के मतदान केंद्र संख्या 155 में वोटर आई कार्ड दिखाते हुए लाइन  में लगे मतदाता।

Voting for a total of 121 assembly seats in the first phase of Bihar Assembly Elections 2025 began in a peaceful and enthusiastic atmosphere.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी विशेष रूप से उत्साहजनक रही। कई जिलों में मतदान को लेकर भारी जोश देखने को मिला।

🌟 मतदाताओं का जोश और उत्साह

 

मुजफ्फरपुर में पारू विधानसभा क्षेत्र के 

पोखरैरा का विभिन्न मतदान केंद्र


* लंबी कतारें: सीवान, छपरा (सारण), लखीसराय (माहीसोना बूथ), सहरसा, मुंगेर (धरहरा), और दरभंगा (गौड़ाबौराम) सहित कई जिलों में सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं।

 * महिलाओं की भागीदारी: मुजफ्फरपुर हो या पटना, बक्सर हो या दरभंगा, छपरा (सारण) और गोपालगंज हो या मुंगेर सभी जगह महिलाओं में मतदान के प्मेंरति काफी उत्साह देखा गया।  कई जगह मतदान केंद्र पर महिलाओं में खास उत्साह दिखा। उनकी कतारें पुरुषों के मुकाबले अधिक लंबी थीं।

जमालपुर में 104 वर्षीय बजरंगी सिंह और उनकी
 
95 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी।


 * बुजुर्गों की मिसाल: मुंगेर के जमालपुर विधानसभा क्षेत्र में 1 अग्रहण पंचायत की बूथ संख्या 321 पर 04 वर्षीय बजरंगी सिंह और उनकी 95 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी ने मतदान कर लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी की मिसाल पेश की। धरहरा में भी बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

 * शांतिपूर्ण मतदान: प्रशासनिक व्यवस्था के कारण अधिकांश जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है।


⚙️ तकनीकी व्यवधान और प्रशासनिक कार्रवाई

मतदान की शुरुआत में कुछ स्थानों पर ईवीएम (EVM) में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना मिली, जिस पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।

 * मुजफ्फरपुर: जिला निर्वाचन प्राधिकारी के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ, लेकिन कुढ़नी, पारु एवं साहेबगंज में 18 स्थानों पर ईवीएम रिप्लेसमेंट करनी पड़ी।

 * मुंगेर: सुबह 7 बजे तीन स्थानों (बूथ संख्या 198, 172 और 282) पर बीवी पैट और वॉलेट यूनिट खराबी के कारण तुरंत बदले गए।

 * वैशाली: भगवानपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय रहसा पश्चिमी में बूथ नंबर 335 पर मशीन खराब होने के कारण 8:30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हुआ, जिससे लोगों ने हंगामा भी किया।

इन शिकायतों पर नियंत्रण कक्षों से डीएम और एसपी लगातार निगरानी कर रहे हैं और सेक्टर मजिस्ट्रेटों द्वारा तुरंत मशीनों को बदला गया।

   मुजफ्फरपुर में बूथ नंबर 161 एवं 162 पर पसरा सन्नाटा। यहाँ वोट का बहिष्कार किया गया।

📊 प्रारंभिक मतदान प्रतिशत (सुबह 11.00 बजे तक)

प्रारंभिक घंटों में कई क्षेत्रों में अच्छा मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में 11 बजे तक 29.56 फीसदी मतदान हो गया जबकि दरभंगा में 26.07 प्रतिशत और मधेपुरा में 28.46 प्रतिशत तक मतदान हुआ। शुरुआत की स्थिति इस प्रकार है।

 * सर्वाधिक: गोपालगंज के हथुआ (संख्या 104) में 16 प्रतिशत से अधिक का मतदान हुआ।

 * सबसे कम: सुबह नौ बजे तक मुजफ्फरपुर विधानसभा क्षेत्र में शुरुआती 2 घंटे में 11.89% के साथ सबसे कम मतदान हुआ। पूरे जिले में 14.41 प्रतिशत मतदान की सूचना है।

 * सीवान में 2908 मतदान केंद्रों पर 24 लाख 47 हजार 147 मतदाता वोट डाल रहे हैं, जिसमें 27 मॉडल मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

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🗣️ प्रमुख हस्तियों के बयान और घटनाएँ

पावर स्टार पवन

* भोजपुर के बड़हरा विधानसभा क्षेत्र में भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह अपने गांव जोकहरी में वोट डाला

 * केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (भाजपा): लखीसराय के बड़हिया में मतदान के बाद उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर महागठबंधन को घेरा और उन पर "जंगलराज" वापस लाने का आरोप लगाया।

 * विजय कुमार सिन्हा (भाजपा प्रत्याशी, लखीसराय): उन्होंने मतदान को लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान के सम्मान का पर्व बताया और बिहारियों को कलंकित करने वालों को जवाब देने का आह्वान किया।

* बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने जगदीशपुर विधानसभा के बूथ नंबर 304 पर मतदान किया

 * पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा (भाजपा प्रत्याशी, बक्सर सदर): उन्होंने भी मतदान के बाद स्याही का निशान दिखाया।

* दरभंगा सदर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 186, प्राथमिक विद्यालय बंगलागढ़ फकीराना में दरभंगा से भाजपा प्रत्याशी संजय सरावगी ने मतदान किया।

 * पोस्टल बैलेट की शिकायत: मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित बूथ संख्या 284 पर एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उनका वोट सरकारी कर्मचारी न होने के बावजूद पोस्टल बैलेट से पहले ही डाल दिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और सभी मतदान केंद्रों पर वेब कास्टिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि मतदान सुचारू रूप से चलता रहे।

- तरुण कुमार कंचन

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Wednesday, 5 November 2025

Bihar Elections 2025 : पहले चरण की अग्निपरीक्षा! क्या 'मोदी-नीतीश की जोड़ी' हिट होगी या 'यादव रंगदार बनतो' का नारा पड़ेगा भारी?



The first phase of the acid test! Will the "Modi-Nitish duo" be a hit, or will the slogan "Yadav Rangdar Banato" prove to be the undoing?

 छह नवंबर, गुरुवार को 121 विधानसभा सीटों पर होने वाला मतदान यह तय करेगा कि बिहार की राजनीति किस दिशा में जाएगी। (Voting for 121 assembly seats on Thursday, November 6, will decide the direction in which Bihar's politics will go.) यह चरण न केवल पहले दौर की वोटिंग है, बल्कि यह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विकास केंद्रित नारे 'जोड़ी मोदी और नीतीश के हिट होई' और महागठबंधन के सामाजिक न्याय के आह्वान 'यादव रंगदार बनतो' के बीच सीधा मुकाबला है। 



 पहला चरण - राजनीतिक मिजाज समझने की कुंजी
 मतदान से पहले के ओपिनियन पोल और 2020 के परिणामों के विश्लेषण कर हम जनता के मूड को समझने की कोशिश करते हैं। 10 अक्टूबर को नामांकन के साथ बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर गहमा-गहमी शुरू हो गई थी। मंगलवार को शाम में पहले चरण के प्रचार का शोर भी खत्म हो गया। बिहार के 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को वोट पड़ेंगे। ये क्षेत्र मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, पटना, नालंदा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, सहरसा, खगड़िया और मधेपुरा जिले में हैं। करीब पौने चार करोड़ से अधिक मतदाता इस चरण में 1314 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद करेंगे। इनमें कई दिग्गज राजनेता तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय और तेजप्रताप यादव भी हैं। इसलिए 121 सीटों पर मतदान का परिणाम ही राज्य के राजनीतिक मिजाज को समझने की पहली कुंजी बनेगा। 
बिहार में एक बूथ पर लाइन लगे मतदाता ( फाइल फोटो-सोशल मीडिया से)


 2020 का मुकाबला: कांटे की टक्कर थी 
2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में, ये 121 सीटें NDA और महागठबंधन के बीच बराबर बंटी थीं, जो इस चरण के निर्णायक महत्व को दर्शाता है: गठबंधन 2020 में जीती गई सीटें (121 में से) प्रमुख घटक दलों का प्रदर्शन NDA 59 BJP: 32, JDU: 23, VIP: 4 महागठबंधन 61 RJD: 42, Congress: 8, CPI(M-L): 7, CPI(M): 2, CPI: 2 मुख्य अंतर: पिछली बार लोजपा (रामविलास) एनडीए से बाहर थी और एक सीट जीती थी। इस बार लोजपा प्रमुख चिराग पासवान एनडीए के साथ हैं, जिसका लाभ गठबंधन को मिलने की उम्मीद है। इसी तरह वीआईपी के मुकेश सहनी राजग से अलग होकर इस बार राजद मे शामिल हो गए हैं। इसका कितना असर नीतीश कुमार की सेहत पर पड़ेगा, यह परिणाम में दिखेगा। 

बदला हुआ राजनीतिक परिदृश्य 

2020 के चुनाव के बाद का राजनीतिक परिदृश्य काफी बदल चुका है।
 • NDA की रणनीति : नीतीश कुमार अपनी 'सुशासन' वाली साफ छवि, लव-कुश (कुर्मी-कोयरी) के सामाजिक आधार और पीएम मोदी की लोकप्रियता के सहारे आगे बढ़ रहे हैं। चिराग पासवान के शामिल होने से दुसाध वोटों का समर्थन भी मिलने की उम्मीद है, जिससे एनडीए का आधार मजबूत हो रहा है।
 • महागठबंधन का आधार: राजद 'MY-BAP' (मुस्लिम-यादव, बहुजन, अगड़ा और पिछड़ा) समीकरण के साथ सामाजिक न्याय की पिच पर मजबूती से खड़ा है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी 'रोजगार' और 'युवा' मुद्दों को केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है। यह देखना है कि लालू-राबड़ी काल में हुए घोटाले और जंगलराज का नैरेटिव किस तरह अब भी छाया है।
 • जन सुराज फैक्टर: प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' का सूत्र वाक्य 'नया बिहार चाहते हैं' मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाया है, इसका आकलन जल्दबाजी होगा, पर यह एक नया विमर्श जरूर खड़ा कर रहा है।

 ओपिनियन पोल: बहुमत की ओर NDA का रुझान?
 मतदान से पहले जारी किए गए कई ओपिनियन पोल (जैसे C-Voter/MATRIZE) पूरे 243 सीटों पर NDA को बहुमत मिलने का अनुमान लगा रहे हैं। पोल ट्रैकर / अन्य महागठबंधन को फायदा कुछ शुरुआती सर्वे में एनडीए को नुकसान और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को बढ़त मिलने का अनुमान लगाया गया था।

 रुझान - MATRIZE-IANS  के अनुसार NDA को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है। 
वोट प्रतिशत - कई पोल NDA के वोट शेयर में वृद्धि का संकेत दे रहे हैं, जिसका श्रेय सीधा पीएम मोदी की लोकप्रियता को दिया जा रहा है। 
सीएम की पसंद - सीटों की संख्या चाहे जो भी हो, अधिकांश मतदाताओं की मुख्यमंत्री पद के लिए पहली पसंद नीतीश कुमार बने हुए हैं। 

 पहले चरण के गढ़ और किले 

जब नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव एक थे।

121 सीटों का यह चरण दोनों गठबंधनों के लिए 'करो या मरो' की स्थिति है।
 'जोड़ी मोदी और नीतीश के हिट होई' का क्षेत्र:  दरभंगा और तिरहुत क्षेत्र की शहरी और अर्ध-शहरी सीटें जहां विकास और मोदी फैक्टर प्रभावी है, वहां NDA (खासकर BJP) को पिछली बार बढ़त मिली थी।  नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा समेत JDU की कई सीटें इसी चरण में हैं।
 'यादव रंगदार बनतो' का क्षेत्र: मगध और कोसी क्षेत्र की ग्रामीण सीटें, जहाँ यादव और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है, वहां राजद को मजबूत बढ़त मिलने की उम्मीद है।  तेजस्वी यादव (राघोपुर) और तेज प्रताप यादव (महुआ) की सीटें भी इसी चरण में हैं, जिसे महागठबंधन के लिए यह एक मजबूत गढ़ माना जाता है। हालांकि लालू प्रसाद के दोनों बेटे एक-दूसरे पर खूब वार किये हैं। तेजप्रताप सनातनी समृद्धि के साथ आगे बढ़ रहे हैं जबकि तेजस्वी यादव अपनी जाति और मुस्लिम वोट पर एकाधिकार समझ रहे हैं। 

आधी आबादी का झुकाव
इस बार चुनाव में नीतीश कुमार के कार्यों की भी खूब चर्चा हो रही है। नीतीश कुमार ने जिस तरह से जीविका दीदी के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में लोगों को लाभ पहुंचाया है। इसका लाभ उन्हें चुनाव में मिलने की उम्मीद है । चुनाव की घोषणा से ठीक पहले गरीब महिलाओं को 10- 10 हजार रुपए अकाउंट में भेजे गए ताकि महिला अपना स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि यदि महिला यह पैसा जमा नहीं कर पाएंगी तो सरकार पैसा जमा कर देगी। इससे विपक्ष भी डरा हुआ है। चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष ने इन रुपयों को रिश्वत के रूप में रेखांकित करने की कोशिश की है । अब देखना है कि नीतीश कुमार की यह चाल कितना प्रतिशत वोट में तब्दील होता है।


निष्कर्ष: सत्ता की राह यहीं से खुलेगी। गुरुवार को होने वाला यह पहला चरण एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए निर्णायक है। 

अब चाचा-भतीजा का संबंध ऐसा है।

• NDA की जीत : यदि NDA 2020 के प्रदर्शन को दोहराता है या उसमें सुधार करता है  यानी  65 से अधिक सीटें मिलती हैं, तो यह 'जोड़ी मोदी और नीतीश के हिट होई' के नारे को बल मिलेगा और सत्ता में वापसी की राह आसान होगी।
 • महागठबंधन की चुनौती : यदि महागठबंधन बड़ा उलटफेर करते हुए इन 121 सीटों में निर्णायक बढ़त (जैसे 80+ सीटें) हासिल करता है, तो यह 'यादव रंगदार बनतो' के आह्वान को सिद्ध करेगा और सत्ता की लड़ाई को महागठबंधन के पक्ष में झुका देगा। अब 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि केकर सरकार बनतो।

- तरुण कुमार कंचन