The BJP has launched an advertising attack on Tejashwi's pledge to form Bihar. Releasing the India Mahagathbandhan (INDIA Alliance) manifesto, Tejashwi said, "We will not only build a government, we will build a new Bihar. We don't make broken promises; we will fulfill what we have promised."
बिहार का तेजस्वी प्रण (Bihar ka Tejaswi Pran) पर भाजपा ने विज्ञापन वार किया है ।तेजस्वी ने इंडिया महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा- हम सरकार ही नहीं, नया बिहार बनाएंगे। हम टूटे-फूटे वादे नहीं करते, जो कहा है उसे पूरा करेंगे। कल यानी मंगलवार को इंडिया गठबंधन की ओर से घोषणा पत्र जारी किया गया। इस घोषणा पत्र को अक्षरशः लागू किया जाए, तो वास्तव में रामराज आ जाएगा। महागठबंधन के इन लोक लुभावने वादों से पूरा एनडीए खेमा ही बिल- बिला गया है।
तेजस्वी ने दिखाया अच्छे दिनों के मानचित्र
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| इंडिया महागठबंधन का घोषणापत्र जारी करते राजद नेता तेजस्वी यादव, माले के दीपंकर |
सबके हाथ में अशर्फी की आस
इंडिया महागठबंधन की ओर से घोषणाओं का ऐसा पिटारा खुला कि सब के हाथ में अशर्फी आने की उम्मीद बढ़ गई है। संविदाकर्मी और जीविका समन्वयक खुशी से झूम उठे। संविदाकर्मी और जीविका समन्वयक को स्थाई करने का वादा किया। इसके साथ हर परिवार को 200 यूनिट तक मुक्त बिजली की सुविधा देने की बात कही। ऐसा लग रहा है कि हर घर चमचमा उठा है। अभी चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले ही नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने बिहार के हर परिवार को 125 यूनिट बिजली फ्री में दे दी है। इसी को तेजस्वी यादव 200 यूनिट करने की बात कही।
बिहार में बहार के सपने
अभी चुनाव की जो घोषणा हुई उससे ऐसा लग रहा है कि वास्तव में बिहार में बहार आने वाली है। इसके सपने नीतीश कुमार ने दिखाए थे। अब नीतीश कुमार घूम घूम कर बहार का नजारा दिखा रहे है। मुख्यमंत्री नीतीश अपने किए हुए कार्यों का पिटारा लोगों को दिखा रहे हैं और बिहार की जनता को सावधान कर रहे हैं कि इंडिया गठबंधन के भ्रामक घोषणाओं से सतर्क रहें । इस दौरान आगे काम करने के की सूची भी अपने भाषण में लोगों को थमा रहे हैं । उनकी मुख्य घोषणा है, अगले 5 साल में बिहार में एक करोड़ नौकरी - रोजगार देंगे। वह यह बात करना भूल नहीं रहे हैं कि पिछले 5 साल में 10 लाख युवाओं को नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है।
2005 से पहले कुछ हुआ था जी
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| बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार |
व्यक्तिगत टारगेट पर तेजस्वी
इसी तरह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इंडिया महागठबंधन के घोषणा पत्र पर वार किया । उन्होंने तेजस्वी को सपने बेचने की कोशिश करने की बात कही। उन्होंने कहा बिहार के लोग जंगलराज के नायक को नहीं भूले हैं। उनसे बिहार की जनता को सावधान रहना है । इसी तरह केंद्रीय मंत्री लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में जंगलराज को लौटने नहीं देंगे । यह बात उन्होंने बख्तियारपुर में पार्टी के उम्मीदवार अरुण कुमार के प्रचार काफिले पर हमले के संदर्भ में कही थी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ-साथ महागठबंधन पर निशाना साधते हैं। उन्होंने कहा, संभावित हार को देखते हुए तेजस्वी यादव घबराहट में हैं।
तेजस्वी से उम्मीद
इंडिया महागठबंधन के समर्थकों का कहना है कि हम तेजस्वी के उपमुख्यमंत्री काल को देख रहे हैं । उन्होंने 17 महीने में रोजगार देने के लिए जितने कदम उठाए थे, वह हमें सुंदर भविष्य की ओर ले जाने के लिए काफी है। आज बुधवार सुबह की बात है। एमआईटी ग्राउंड में कुछ लोग टहल रहे थे और इंडिया महागठबंधन के घोषणा पत्र की चर्चा कर रहे थे। उनकी चर्चाओं में जो मुख्य मुद्दा थे, उस पर हम थोड़ी बात कर लेते हैं। वे कह रहे थे कि सरकारी कर्मचारी, बुजुर्ग के अलावा सोशल इंजीनियरिंग पर भी घोषणा पत्र में फोकस किया गया है। सबसे बड़ी बात यह रही की इंडिया महागठबंधन की घोषणा पत्र में मूल रूप से बिहारी को आर्थिक रूप से मजबूत करने की बात कही गई है। इसमें उन्होंने सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन देने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन ₹1500 करने के साथ हर साल उसमें ₹200 की वृद्धि करने का भी वादा किया गया है। राज्य में विधि व्यवस्था ठीक हो इसके लिए एसपी और थानेदार का कार्यकाल भी तय करने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने सबसे बड़ा गेम वक्फ बोर्ड संशोधन कानून को लेकर खेला है। उन्होंने कहा वक्फ संशोधन विधेयक पर रोक लगाई जाएगी। इसका मुस्लिम कम्युनिटी से सीधे ताल्लुक है। खासकर मुसलमान की भावना को जोड़ने के लिए इस बात को उद्धृत किया गया है । तेजस्वी ने कहा कि मजदूर श्रमिकों की गणना होगी और प्रवासी श्रमिकों के लिए सरकार में एक समर्पित विभाग होगा । इसी तरह पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना करने और पूर्व सदस्यों को पेंशन की सुविधा देने का वादा किया।
निचले तबकों की आर्थिक तरक्की
बिहार में निचले तबकों में रहने वाले नाई, कुम्हार, बढ़ाई, लोहार, मोची और माली को 5 साल के लिए 5 लाख रुपए देने की बात कही। दिव्यांगों के लिए भी विकास कार्यक्रम को लागू करने का ऐलान किया। भूमिहीनों को ग्रामीण क्षेत्र में पांच और शहरी इलाके में तीन डिसमिल जमीन देने का भी वादा किया।
एनडीए ने लिया विज्ञापन का सहारा
निश्चित रूप से इंडिया गठबंधन का घोषणा पत्र बिहार में रामराज लागू होने जैसी स्थिति पैदा करने वाले घोषणाओं को देखकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए ) में घबराहट पड़ा हो गई और आनन फानन में विज्ञापन से पलटवार किया है। उसने अपने विज्ञापन में अखबारों की सुर्खियों को कोलाज के रूप में प्रस्तुत किया है। उनमें कुछ कांग्रेस शासित राज्यों की सुर्खियां हां तो कुछ बिहार की पुरानी सुर्खियां।
हिमाचल और कर्नाटक की बात को रखा है, जिसमें कांग्रेस के वादे और कार्य की एक झलक दिखती है। हिमाचल में हजारों कर्मचारियों को सुक्खू सरकार ने दिया झटका , 10 से 20 K तक कम हो सकता है वेतन। उसी जगह दूसरी बात भी कही गई है कि हिमाचल में वेतन और पेंशन पर भी संकट आ गया है । कर्नाटक पर विज्ञापन में कहा गया है कि कर्नाटक सरकार ने चुनाव में किए थे 59 वादे 1 साल में केवल दो पूरे कर पाए ।
बिहार की सुर्खियों की झलक
एनडीए के इस विज्ञापन में बिहार में जंगल राज को दर्शाया गया है। उनमें जहानाबाद में उग्रवादियों ने 100 लोगों को भून डाला। बिहार में अब तक का सबसे बड़ा नरसंहार 75 की हत्या । सिवान में एक ही परिवार के 12 लोगों को गोलियों से भूना । बारा गांव में 37 लोगों की सामूहिक हत्या। हिंसा- लूट और बम के धमाकों के बीच चौथे चरण का पंचायत चुनाव संपन्न। समस्तीपुर में तीन व्यापारियों समेत चार का अपहरण, पैसा दो डॉक्टरी की डिग्री लो। इस तरह बिहार के अपराधी के इतिहास और भ्रष्टाचार के हाल को बयान करते हुए दिखाया गया है । विज्ञापन में कोर्ट की टिप्पणी को भी रखा गया है जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था बिहार जंगलराज से भी बदतर। राज्य में 14 साल से प्राथमिक शिक्षा ध्वस्त। सबसे बड़ी दिलचस्प बात यह है कि इस विज्ञापन कोलाज में गौतम - शिल्पी हत्याकांड का जिक्र नहीं है, जो एक माह पहले तक जोर - शोर से उठाया जा रहा था। जब से जनसुराज का सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस मामले में भाजपा नेता और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम घसीटा है, तब से एनडीए नेताओं के मुंह ताले लग गए हैं।
चाचा - भतीजा के बीच तलवारबाजी
दोनों खेमों के कर्ताधर्ता अपने तीर - तलवार लेकर मैदान में रंग जमा रहे हैं। चाचा - भतीजा का तमाशा जारी है। मदारी की डुगडुगी बज रही है। बिहार की पब्लिक न्यारी है। सबको बरोबर मौका दे रही है। सबको सुन रही है, पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। अब देखना है वार पलटवार में कौन जनता को अपने पक्ष में कर पाता है। इतना तो सच है कि इंडिया महागठबंधन को लालू-राबड़ी काल के कारनामे परेशान कर रहा है और सशंकित हैं, वहीं एनडीए को बिहार का तेजस्वी प्रण परेशानी में डाल रखा है।
धन्यवाद।
तरुण कुमार कंचन
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