google.com, pub-9395330529861986, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Kanchanwani कंचनवाणी: Bihar Assembly Elections 2025: बिहार का टाइगर कौन? नीतीश-मोदी की प्रचंड जीत और विपक्ष का 'अलविदा'| Who is the Tiger of Bihar? Nitish-Modi's landslide victory and the opposition's 'goodbye'

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Friday, 14 November 2025

Bihar Assembly Elections 2025: बिहार का टाइगर कौन? नीतीश-मोदी की प्रचंड जीत और विपक्ष का 'अलविदा'| Who is the Tiger of Bihar? Nitish-Modi's landslide victory and the opposition's 'goodbye'

 


💥Tarun Kumar Kanchan

The counting of votes for the Bihar Assembly Elections 2025 has made it clear: Nitish Kumar has once again emerged as the 'Tiger' in Bihar politics.

बिहार में फिर नीतीश का 'राज', मोदी-नीतीश की डबल इंजन ने किया कमाल! ​बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना अब अपने अंतिम चरण में है, और परिणाम पूरी तरह से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में दिख रहे हैं। रुझानों के अनुसार, एनडीए स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहा है, और यह जीत नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन की 'डबल इंजन' की सफलता को दर्शाती है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना ने यह स्पष्ट कर दिया है: बिहार की राजनीति में 'नीतीश कुमार' एक बार फिर 'टाइगर' बनकर उभरे हैं।

सुबह से चल रही मतगणना अब अपने अवसान की ओर है, और रुझानों के मुताबिक, एनडीए (NDA) 200 के करीब सीटों पर बढ़त बनाकर एक प्रचंड और निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहा है। यह परिणाम न केवल एक बड़ी राजनीतिक सफलता है, बल्कि यह भी स्थापित करता है कि बिहार मतलब नीतीश कुमार।

🟢 'डबल इंजन' ने किया कमाल: विकास की गंगा और केंद्र का सहयोग

एनडीए की इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय सीधे तौर पर नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी को जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुनावी सभाओं में बार-बार 'डबल इंजन' की चर्चा की थी, और परिणामों ने दिखाया कि जनता ने इस पर भरोसा किया है।

प्रमुख रुझान:

 * बीजेपी (90) और जेडीयू (80+): दोनों घटक दलों ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया है, जो गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है।

 * लोजपा (रामविलास): चिराग पासवान की पार्टी ने 29 में से 20 सीटों पर बढ़त बनाकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।

 * छोटे सहयोगी: जीतनराम मांझी की 'हम' और उपेंद्र कुशवाहा के 'आरएलएम' को भी 4-4 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है।

एनडीए नेताओं का कहना है कि यह जीत नीतीश कुमार के बेदाग चरित्र और केंद्र सरकार के सहयोग से सरपट दौड़ती विकास की राजनीति की जीत है।

🔴 विपक्ष परास्त: तेजस्वी को 'अलविदा' और आरजेडी में बिखराव

जहां एक ओर एनडीए खेमे में जश्न का माहौल है, वहीं विपक्ष पूरी तरह से परास्त दिख रहा है। सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के बावजूद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को इंडी गठबंधन में मात्र 27 सीटें मिल रही हैं, जबकि कांग्रेस 5 सीटों पर सिमट गई है।

सबसे चौंकाने वाला और निराशाजनक प्रदर्शन खुद तेजस्वी प्रसाद यादव का रहा।

तेजस्वी: राघोपुर में पीछे, तेज प्रताप की बगावत

 * जनता ने तेजस्वी प्रसाद यादव को 'अलविदा' कह दिया है।

 * वह अपने ही गढ़ राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सतीश कुमार से 1273 वोटों से पीछे चल रहे हैं।

 * लालू प्रसाद के दूसरे पुत्र तेज प्रताप यादव भी महुआ में कुछ खास नहीं कर पाए और चौथे स्थान पर खिसक गए।

पार्टी के अंदर तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच की आंतरिक कलह ('घर फूटे, गवार लूटे') ने भी विपक्ष की संभावनाओं को गहरी चोट पहुंचाई, क्योंकि दोनों ने एक-दूसरे के उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार किया था।

नोट: हालांकि, इस निराशाजनक प्रदर्शन के बीच वाम दलों (लेफ्ट) ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर बढ़त हासिल की है।

🔑 जीत के कारण: विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा

एनडीए की यह प्रचंड जीत केवल चुनावी प्रबंधन की नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों की सफलता है।

जनता की राय:

 * विकास की राजनीति: आम जनता का मानना है कि बिहार सरकार ने केंद्र के समर्थन से विकास की राजनीति की, इसलिए उन्होंने एनडीए को वोट दिया।

 * महिला वोट बैंक:

   * महिलाओं ने खुलकर एनडीए का समर्थन किया, जिसका कारण खाते में ₹10,000 की राशि देना और आगे ₹2 लाख देने का वादा था।

   * युवा लड़कियों के लिए सरकारी नौकरी में 35% आरक्षण ने एक बड़ा गेम चेंजर का काम किया।

 * बुजुर्गों का भरोसा: बुजुर्ग परमेश्वर महतों जैसे मतदाताओं का कहना है कि वृद्धा पेंशन और फ्री अनाज जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से उनकी जिंदगी संवरी है।

📢 जेडीयू का पलटवार, विपक्ष का धांधली का आरोप

परिणामों के बीच, जेडीयू ने सोशल मीडिया पर विपक्ष को करारा जवाब दिया है। जेडीयू ने अपने X पोस्ट में लिखा: "आज बिहार में विकास की जीत हो रही है और विपक्ष की 'बकवास' हार रही है।"

हालांकि, परास्त विपक्ष इस हार को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। विरोधी नेताओं ने चुनाव आयोग पर एकतरफा कार्रवाई करने और भारी धांधली का आरोप लगाया है। खासकर, चुनाव के दौरान महिलाओं के खाते में ₹10,000 देने को 'वोट के लिए रिश्वत' बताया गया, जिस पर चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं।

निष्कर्ष:

बिहार की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है। यह जीत सुशासन, विकास और मजबूत सामाजिक नीतियों के गठबंधन की जीत है। एक बार फिर, नीतीश कुमार बिहार के सिंहासन पर मजबूती से वापसी कर रहे हैं, जबकि विपक्ष को आत्म-मंथन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

बड़ी खबर - मोकामा से जेल से अनंत सिंह विजयी।

चलते-चलते- एनडीए -204 में आगे

          भाजपा 92, जदयू -82, लोजपा -20, हम-5 और रालोमो-4

          इंडी गठबंधन मात्र 33 सीटों पर आगे।

          राजद- 27, कांग्रेस-05, वामदल-3, वीआईपी-00

       अन्य -07

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- तरुण कुमार कंचन

        


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