google.com, pub-9395330529861986, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Kanchanwani कंचनवाणी: बिहार चुनाव : इंडी महागठबंधन में सुलह के रास्ते बंद | Bihar Elections: Roads of reconciliation closed in Indi Grand Alliance.

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Sunday, 19 October 2025

बिहार चुनाव : इंडी महागठबंधन में सुलह के रास्ते बंद | Bihar Elections: Roads of reconciliation closed in Indi Grand Alliance.

 

  बिहार में वोट चोरी के खिलाफ यात्रा निकालते राहुल गांधी और तेजस्वी यादव।

इंडिया महागठबंधन में आंतरिक टकराव सतह पर पहुंच गया है । अब इंडिया महागठबंधन में  सुलह का चैप्टर करीब-करीब बंद (The chapter of reconciliation in the Indian Grand Alliance is almost closed.) होता दिख रहा है। मतलब Roads to reconciliation blocked in Indi Mahagathbandhan  चुनाव के पहले कांग्रेस और वामदलों ने तेजस्वी यादव को अपना नेता घोषित नहीं कर पा रहे हैं। अब तक  तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किया गया है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इसी मुद्दे को लेकर चुप्पी साध रखा है। राजद का मानना है कि तेजस्वी यादव के सिवा दूसरा कोई भी मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार स्वीकार नहीं होगा।  क्योंकि बिहार में सबसे बड़ा वोट बैंक मुस्लिम समुदाय में तेजस्वी यादव सबसे लोकप्रिय है।  भाजपा और आरएसएस के खिलाफ़ सबसे बड़ा चेहरा हैं। वह महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास सबसे ज्यादा वोट हैं। राजद को माय (मुस्लिम यादव) समीकरण का बड़ा समर्थन हासिल है, तो इंडी गठबंधन को तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार घोषित करने में परेशानी क्या है?

बिहार में यात्रा के दौरान राहुल के साथ तेजस्वी यादव, मुकेश साहनी और दीपंकर भट्टाचार्य।





एक प्रश्न के उत्तर की तलाश

इसी प्रश्न के उत्तर की तलाश में मैंने कई नेताओं से बात की, मगर किसी ने खुल कर बात नहीं की। सभी ने गोल - मटोल जवाब दिया। ज्यादा लोगों ने यह कहा कि जनता देख रही है कि राजद ही सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास वोट बैंक ज्यादा हैं तो इस बात की जिच क्यों, कि चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया जाए। अंदर खेमें की बात है तो वामदल के एक नेता ने कहा कि हमारी पार्टी हमेशा जातिवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग करती रही है और ये दोनों आरोप राजद और नेता लगते रहे हैं। मजबूरी है आरएसएस और भाजपा के खिलाफ पहली जंग जीती जाए। सत्ता से इसे निकलना होगा। तभी दूसरी लड़ाई लड़ी जा सकती है।  कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि कांग्रेस सर्व समाज को लेकर चलनेवाली पार्टी है। इसमें पिछड़े, दलित और आदिवासी के साथ सवर्ण जातियों का बड़ा समर्थन प्राप्त है। राजद एक जातिवादी दल बन गई है और भ्रष्टाचार के सर्वाधिक आरोप उस दल पर लग चुका है। आरोप तेजस्वी यादव के खिलाफ भी है। ऐसे में तेजस्वी यादव को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित करने में मुश्किल है। यही बात जब राजद के बड़े नेता पूर्व में वह प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस पे क्या भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं? कांग्रेस के आलाकमान और संसद में विपक्ष के नेता भी जमानत पर बाहर हैं? ये सभी आरोप राजनीतिक हैं? इसका कोई मतलब नहीं है। भाजपा में भ्रष्टाचार चरम पर है। दूसरी सरकार आयेगी तो भाजपा के सारे बड़े नेता भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में होंगे।

धरातल की हकीकत

 कांग्रेस नेता राजेश राम

महागठबंधन में विवाद इतना बढ़ गया है कि  इतनी इंडिया  गठबंधन की कोर टीम की बैठक भी 2 दिनों से बंद है ।  सभी दल एक- दूसरे की सीटों पर कब्जा करने में जुटे हैं।  आश्चर्य तो  तब हुआ जब बिहार में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की सीट कुटुंबा में राजद  ने एक मजबूत प्रत्याशी को उतार दिया है। इसके बाद राजेश राम इस तरह नाराज हुए कि सोशल मीडिया एक्स पर आकर उन्होंने खरी - खरी टिप्पणी  कर दी। उन्होंने दलित वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जो राजद  और कांग्रेस के बीच दरार बढ़ाने के लिए काफी है। राजेश राम ने एक्स पर लिखा - दलित दबेगा नहींदलित झुकेगा नहीं और इंकलाब होगा। जय बापू , जय भीम । अब क्या लग रहा है कि इन शब्दों के बाद भी कांग्रेस और राजद के बीच दरार छुप जाएगा ? क्या लग रहा है कि पार्टियों के बीच खींचतान कम होगाअब महागठबंधन पर धूल की परतें मोटी होती जा रही हैं।

सीटों पर भी खींची तलवारें

कई सीटों पर महागठबंधन की पार्टियों के बीच ही जंग छिड़ गई है । इनमें बछवारा, वैशाली,  तारापुर,  गौराबोराम, लालगंज,  कहलगांव,  राजापाकर , रोसड़ा, बिहारशरीफ और वारिसलीगंज बड़ा अखाड़ा बन गया। बछवारा और रोसड़ा सीट पर कांग्रेस और सीपीआई एक- दूसरे के खिलाफ तलवार खींच रखी है जबकि कुटुंबा, लालगंज, वैशाली और कहलगांव में राजद और कांग्रेस के पहलवान दंगल में उतर चुके हैं । इसके अलावा कुर्था , सासाराम,  डेहरी ऑन सोन पर दोनों दलों का दावा है ।

ठगा महसूस कर रही वीआईपी और झामुमो

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य 

इंडी महागठबंधन में शामिल बिहार में वर्चस्व रखने वाली पार्टी वीआईपी अब ठगा महसूस कर रही है। वह अकेली पड़ गई है। उसके नेता मुकेश साहनी ने महागठबंधन को बीमार तक बता चुके हैं। इसी तरह महागठबंधन में शामिल एक और पार्टी झामुमो जो झारखंड में सत्ताधारी है, ने बिहार में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। झामुमो ने बिहार में राजद से 6 सीटों की मांग की थी। इनमें जमुई - बांका के साथ सीमांचल की सीटें थीं। कल झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने रांची प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार अकेले चुनाव लड़ने की बात कही। उन्होंने ने बताया कि वह जमुई, चकाई, कटोरिया, पीरपैंती, मनिहारी और धमदाहा से प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे। इन सीटों के लिए दूसरे चरण में मतदान होना है।

 दिलचस्प मोड़ पर महागठबंधन

 दूसरे चरण के लिए कांग्रेस, वीआईपी और कम्युनिस्ट पार्टियों ने अपने-अपने कुछ उम्मीदवारों की सूची जारी की है जबकि महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद ने कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया है।  दिलचस्प पहलू यह है की राजद ने 100 से अधिक उम्मीदवारों को अपना चुनाव चिह्न दे दिया जबकि कुल 122 सीटों पर दूसरे चरण में मतदान होना है। राजद ने सिकंदरा में अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा के अध्यक्ष रहे उदयनारायण चौधरी को टिकट दिया है। सिकंदरा में कांग्रेस ने विनोद चौधरी को मैदान में उतारा है ।इसी तरह बारिश बारिसलीगंज में राजद ने बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी को मैदान में उतारा है । आपको बता दूं कि यह अशोक चौधरी वही हैं जिन्होंने लालू प्रसाद यादव के मृत नारे भूरा बाल साफ करो, को दोबारा बिहार की राजनीति में जिंदा कर दिया ।

भाजपा ने ली चुटकी

भाजपा नेता सम्राट चौधरी

इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री भाजपा के नेता सम्राट चौधरी ने महागठबंधन में खींचतान को लठबंधन करार दिया है। उन्होंने कहा की चुनाव के पूर्व ही जिस गठबंधन में ऐसी भगदड़ मची हो, उससे चुनाव के बाद उम्मीद क्या की जा सकती है । यह भ्रष्टाचारियों का जमावड़ा है । सबसे मजेदार यह रहा कि सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक चित्र पोस्ट किया। उसमेंयह दिखाया गया कि एक पेड़ पर कई चिड़िया पार्टी के रूप में बैठी हैजो अलग-अलग दिशा में उड़ना चाहती है ।

उम्मीद की किरण

महागठबंधन के नेताओं ने एक उम्मीद जताई है कि पहले चरण की नाम वापसी के लिए तय दिन 20 अक्टूबर तक सब कुछ ठीक हो जाएगा। मालूम हो कि दूसरे चरण के लिए नामांकन में अब मात्र दो दिन ही बचे हैं। धन्यवाद।

: - तरुण कुमार कंचन

                                       :- सभी फोटो साभार सोशल मीडिया


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