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| सिग्मा गैंग के खात्मे के बाद जांच में जुटी पुलिस |
Conspiracy to spread terror during Bihar Assembly elections fails, Sigma & Company eliminated
बिहार के चार बदमाशों को दिल्ली में एनकाउंटर कर दिया गया। सूचना मिली की बुधवार की देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाकर इन चारों बदमाशों को मार गिराया। ये बदमाश एक कंपनी के नाम से अपने गिरोह को संचालित करते थे । इन बदमाशों के गिरोह का नाम सिग्मा एंड कंपनी थी । बिहार पुलिस के सूत्रों का कहना है कि उन्हें खुफिया सूचना थी कि विधानसभा चुनाव के दौरान सीतामढ़ी में बड़ी साजिश की जा रही है। उससे बिहार की चुनावी हवा ही बदल जाएगी। bihar vidhaanasabha chunaav mein dahashat failaane ki saajish naakaam, sigma end company khatm। इसकी सूचना मिलते ही बिहार की पुलिस सिग्मा गिरोह के पीछे पद है थी। उसकी तलाश में एक तेजतर्रार टीम का गठन किया गया था। पूरे गिरोह को खत्म किया जा सके। इस गिरोह में शामिल बदमाशों को पकड़ा जा सके। तफ्तीश के दौरान ही खुलासा हुआ कि यह टीम दिल्ली से अपना गिरोह संचालित करता है। उसी सिलसिले में बुधवार की रात पूरे गिरोह के लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
दिल्ली के रोहिणी में मुठभेड़
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| रोहिणी में मुठभेड़ स्थल |
बताया गया की दिल्ली के रोहिणी इलाके में इलाके में बहादुर शाह मार्ग के पास पुलिस ने मुठभेड़ में इन चारों अपराधियों को ढेर कर दिया। पुलिस के अनुसार बदमाशों को जब इसका भान हुआ कि पुलिस उसकी तरफ बढ़ रहा है तो बदमाशों ने पुलिस पर हमला कर दिया । जवाबी कार्रवाई में चारों बदमाश मौके पर मारे गए । इन बदमाशों की पहचान बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड के निवासी रंजन पाठक 25 , विमलेश महतो 25 और मनीष पाठक 33 के रूप में हुई। चौथा बदमाश अमन ठाकुर 21 के बारे में बताया जा रहा है कि वह दिल्ली का निवासी है, जो करावल नगर में रहता है।
नेपाल में भी दर्ज है मामले
इन चारों का ग्रुप सिग्मा एंड कंपनी बिहार और नेपाल में अपराध कर रहे थे । इनके खिलाफ बिहार के अलावा नेपाल में भी कई मामले दर्ज हैं । बिहार पुलिस ने रंजन पाठक के खिलाफ 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था।
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| रंजन पाठक सिग्मा सरगना |
ऐसे हुआ था इस गिरोह का जन्म
रंजन पाठक का करीब एक माह पूर्व सीतामढ़ी जिला के ब्रह्मर्षि संगठन के पूर्व जिला अध्यक्ष गणेश शर्मा की हत्या में नाम सामने आय था। इसी हत्या की जांच के दौरान एक मुखिया रविशंकर की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद जिस तरह से रंजन पाठक ने अपने नाम का एक पर्चा भेज कर कई रहस्यों का खुलासा किया था। पर्चा एक बायोडाटा के रूप में था। जिसमें उसने अपराध की दुनिया में आने के पीछे का मकसद का भी खुलासा किया था।
उसने अपनी कंपनी के बारे में बताया था कि उसकी लड़ाई किसी जाति समाज या धर्म से नहीं है। कानून से भी उसकी लड़ाई नहीं है। उसने कहा था कि उसे परेशानी अफसरशाही, पुलिस के गलत व्यवहार, सत्य को सत्य बनाने और गरीब कमजोर के जीवन को बर्बाद करने की नीति के कारण उसने हथियार उठाया है। पाठक ने अपने को अन्याय के खिलाफ एक सिपाही बताया था। उसने लिखा था कि अपना जीवन को असामान्य बना दिया है।
पुलिस की फाइल में निर्दयी गिरोह
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| रंजन पाठक का बायोडाटा |
दहशत का ऑडियो वायरल
फिलहाल एक ऑडियो कॉल से या पता चला था कि बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव के दौरान यह गिरोह दहशत फैलाने की साजिश कर रहा था । उसके बाद से दिल्ली और बिहार पुलिस इस गिरोह की तलाश में थी।
जवाबी कार्रवाई में चारों की मौत
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| मुठभेड़ स्थल को किया वैरिकेड |
पिछले दिनों खुफिया सूचना मिलने के बाद दोनों राज्यों की संयुक्त पुलिस टीम ने ऑपरेशन किया और बुधवार-गुरुवार देर रात करीब ढाई बजे पूरे इलाके को घेर कर अभियान शुरू किया था। तभी अपराधियों ने पुलिस से घिरते देखकर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस का कहना है की उन्होंने अपनी रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की जिसमें चारों बदमाश मुठभेड़ में ढेर हो गए। पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर रोहिणी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । सूचना है कि पुलिस को अपराधियों के पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं।
- तरुण कुमार कंचन
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