मॉस्को के एक कमरे में बंद भारतीय
रूस में नौकरी के नाम पर भेजे गए 23 भारतीयों से ठगी
Job In Russia: सेलरी एक हजार डालर। रसिया जाने वाले को लिए जरूरी सूचना
सभी लोग 2 माह से एक ही कमरे में कैद, ठंड और बीमारी से परेशान
दिल्ली के शास्त्रीनगर की टेक्नोफार्म नामक कंपनी ने रोजगार का झांसा देकर सभी को भेजा था रूस
रूस में बिहार के किशनगंज के दो श्रमिक भी फंसे, सभी ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की लगाई गुहार
रूस में रोजगार के लिए गए बिहार के किशनगंज के दो श्रमिक वहां फंस गए हैं। बहादुरगंज प्रखंड के हाटगाछी गांव निवासी नसर ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। इस मामले की पुष्टि करते हुए किशनगंज के जिलाधिकारी विशाल ने बुधवार को बताया कि रोजगार के लिए रूस गए किशनगंज के दो श्रमिकों के वहां फंसने का मामला संज्ञान में आया है। अब इस मामले में जो भी आवश्यक कदम होंगे, उठाये जायेंगे।
वीडियो जारी कर पीड़ित लोगों ने बताया है कि दिल्ली के शास्त्रीनगर स्थित टेक्नो फॉर्म कंपनी के द्वारा इन लोगों को रोजगार का झांसा देकर रूस भेजा गया था। कंपनी के लोगों ने रोजगार दिलाने के बदले में श्रमिकों से 60 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक वसूला है। वहां फंसे 23 लोगों में किशनगंज जिला के 2 लोग भी शामिल है जबकि अन्य कन्नौज समेत दूसरी जगहों के लोग हैं। वीडियो में वहां फंसे सभी भारतीय श्रमिकों ने धोखा देने का आरोप लगाते हुए कंपनी के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
2 महीने से सभी मास्को के एक कमरे में बंद
किशनगंज के नसर ने वीडियो जारी कर कहा कि वे लोग पिछले दो महीने से मॉस्को शहर में फंसे हुए है। उन लोगों से न तो काम करवाया जा रहा है न ही वेतन मिल रहा है। स्थिति बहुत खराब है। ये श्रमिक बाहर भी नहीं निकल पा रहे है। कंपनी के लोग कुछ भी नहीं कर रहे हैं। रूस में ठंड ज्यादा होने के कारण कुछ श्रमिकों की तबीयत खराब हो रही है। वीडियो में एक पीड़ित के अनुसार श्रमिकों को वहां भेजने वाले व्यक्ति का नाम खुश मोहम्मद है। दिल्ली के शास्त्री पार्क में टेक्नोफार्म का ऑफिस है। वहीं से श्रमिकों को यहां भेजा गया है। अब कंपनी की ओर से किसी तरह की मदद नहीं की जा रही है।
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